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शैक्षणिक प्रगति, उपस्थिति, टेस्ट मूल्यांकन और निरीक्षण व्यवस्था पर उच्च–स्तरीय मंथन, लेकिन BEO गौरेला की नदारदगी ने बैठक के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा बटोरी___

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गौरेला–पेंड्रा–मरवाही।पेंड्रा स्थित जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में आज लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर द्वारा निर्देशित एजेंडे के तहत जिले की महत्वपूर्ण विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, जिले के समस्त प्राचार्यों, उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के नोडल अधिकारियों एवं संकुल समन्वयकों की उपस्थिति रही। बैठक में स्कूल शिक्षा व्यवस्था, आगामी बोर्ड परीक्षाएँ, छात्रों की नियमित उपस्थिति, शिक्षकों की जवाबदेही और शिक्षण गुणवत्ता पर विस्तार से समीक्षा की गई।

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कलेक्टर ने सभी प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे विद्यार्थियों की अधिक से अधिक उपस्थिति सुनिश्चित करें तथा बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए ठोस प्रयास करें। कलेक्टर ने समयपालन और नियमित अध्यापन कार्य को अनिवार्य बताते हुए कहा कि शिक्षकों के समय पर पहुँचने और बेहतर शिक्षण से ही छात्रों का प्रदर्शन सुधर सकता है।

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जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने कहा कि सभी विषय विशेषज्ञ शिक्षक नियमित कक्षाएँ लें तथा छात्रों को A, B, C और D श्रेणियों में वर्गीकृत कर उन पर केंद्रित अध्ययन कराया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक शनिवार को अनिवार्य रूप से विषयवार टेस्ट लिया जाए, जिससे छात्रों की कमियों का आकलन कर त्वरित सुधार किया जा सके।
इसके साथ ही उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के तहत 7 दिसंबर को आयोजित होने वाले महा परीक्षा अभियान की तैयारियों को पूर्ण कर इसे सफल बनाने पर जोर दिया गया।

लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर से आए सहायक संचालक आदित्य पाटनवार ने सभी प्राचार्यों और संकुल समन्वयकों को अध्यापन कार्य के साथ स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए, जिससे शैक्षणिक गतिविधियों की वास्तविक स्थिति का पता चल सके। उन्होंने भी महा परीक्षा अभियान में अधिक से अधिक शिक्षार्थियों को जोड़ने पर जोर दिया।

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बैठक में जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी, सहायक संचालक आदित्य पाटनवार, बीईओ पेंड्रा, बीईओ मरवाही, बीआरसी गौरेला संतोष सोनी, बीआरसी पेंड्रा बघेल, बीआरसी मरवाही अजय राय, उल्लास नोडल अधिकारी मुकेश कोरी, संजय गुप्ता, आलोक शुक्ला, संजय टांडिया सहित जिले के सभी प्राचार्य और संकुल समन्वयक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

जिम्मेदारी से दूरी ? बैठक में फिर गैरहाजिर रहे बीईओ गौरेला संजीव शुक्ला !

महत्वपूर्ण जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में जहाँ जिले के लगभग सभी अधिकारी मौजूद रहे, वहीं बीईओ गौरेला संजीव शुक्ला की अनुपस्थिति ने एक बार फिर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। सूत्रों के अनुसार बैठक की सूचना समय पर दिए जाने के बावजूद वे उपस्थित नहीं हुए।

यह पहली बार नहीं है—सूत्र बताते हैं कि कई महत्वपूर्ण बैठकों में उनकी लगातार गैरहाजिरी अब विभागीय चर्चा का विषय बन चुकी है। जिला शिक्षा व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इतनी अहम बैठक से अनुपस्थित रहना कई सवाल खड़े करता है—

क्या बीईओ गौरेला बैठक को गंभीरता से नहीं ले रहे  ?

क्या प्रबंधन एवं शैक्षणिक सुधार से जुड़े निर्देशों के प्रति उदासीनता बरती जा रही है ? या फिर अनुपस्थिति के पीछे कोई अन्य कारण है ? बैठक में उपस्थित कई अधिकारियों ने मैदानी अमले की जवाबदेही तय करने, समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा शिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं, बीईओ गौरेला की लगातार अनुपस्थिति पर कई अधिकारियों ने असंतोष भी व्यक्त किया है।

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